फिटर प्रथम वर्ष (Fitter Theory 1st Year)

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फिटर प्रथम वर्ष (Fitter Theory 1st Year) 1
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01-Trade Introduction फिटर ट्रेड का परिचय

     Chapter 01 – ट्रेड परिचय और सुरक्षा सुरक्षा सावधानियां-

Trade Introduction and Safety Precautions

Fitter Trade Introduction- आजकल कारखानों में अधिकतर काम मशीनों के द्वारा होता है, अतः मशीनों के लगातार काम करने से उनके पार्ट्स घिसते है और उनमे टूट-फूट होती है, जिससे मशीने काम करना बंद कर देती है, उन्हें दुबारा वर्किंग कंडीशन या चालू की स्तिथी में लाने के लिए उनके पार्ट्स को बदलना पड़ता है, उन पार्ट्स को बदलने वाला तथा मशीनों को दुबारा वर्किंग कंडीशन में लाने वाला व्यक्ति ही फिटर कहलाता है।

अर्थात मशीनों के पार्ट्स को आवश्यकतानुसार काटने वाला, उन्हें फिर सही तरीके से फिट करने तथा मशीनों का निर्माण करने वाला व्यक्ति ही फिटर कहलाता है।

Full form of FITTER

  • FFitness
  • I – Intelligent
  • T – Talented
  • T– Target
  • E – Efficient
  • R – Regularity

सुरक्षा के संकेत (Symbols of safety)- किसी भी कार्यशाला या कारखाने में जाने से पहले कारीगर को सुरक्षा के संकेत के बारे में सही – सही जानकारी होना अत्यंत आवश्यक है, जिससे वह मशीनों, कारखानों की दीवारों आदि स्थानों पर बने संकेत के अर्थ को समझ सके और अनावश्यक होने वाली दुर्घटना को रोका जा सके तथा कारीगर सुरक्षित रह सके।

इन संकेतो को उनके रंग और आकृति के आधार पर अलग-अलग भागो में बाटा गया है-

  • निषिद्ध संकेत ( Prohibition Symbols )
  • अनिवार्य चिन्ह ( Mandatory Signs )
  • चेतावनी संकेत ( Warning Symbols )
  • सूचना चिन्ह ( Information Symbols )

1- निषिद्ध संकेत – ये संकेत जहाँ भी बने होते है उसका अर्थ होता है कि ये काम आपको बिल्कुल भी नही करना है अर्थात आपको संकेत में बने हुए काम को करने से मना किया जाता है।

  • आकृति – गोलाकार या वृत्त के जैसी तथा साथ में क्रॉस बार
  • बॉर्डर का रंग – लाल
  • बैकग्राउंड का रंग – सफेद
  • बनाये जाने वाले संकेत का रंग – काला

2- अनिवार्य चिन्ह – ये संकेत कारीगर को कारखानों या कार्यशाला में जाने से पहले सुरक्षात्मक निर्देश देते है अर्थात आपको संकेत में बने हुए काम को करना ही है।

  • आकृति – गोलाकार या वृत्त के जैसी
  • बैकग्राउंड का रंग – नीला
  • बनाये जाने वाले संकेत का रंग – सफेद

3- चेतावनी संकेत – इस संकेत के द्वारा कारीगर को चेतावनी दी जाती है कि यहाँ पर इससे खतरा हो सकता है।

  • आकृति – त्रिभुज के आकार का
  • बैकग्राउंड का रंग – पीला
  • बनाये जाने वाले संकेत का रंग – काला

4- सूचना चिन्ह – ये संकेत हमे सूचना देने का काम करते है ,जैसे – प्राथमिक उपचार के संकेत , आपातकालीन निकास आदि।

  • आकृति – वर्गाकार
  • बैकग्राउंड का रंग – हरा या सफेद
  • बनाये जाने वाले संकेत का रंग – सफेद या लाल

दुर्घटना ( Accident ) – दुर्घटना, कार्यशाला या कारखानों में होने वाली एक अप्रिय घटना है, जिसे कभी कोई कारीगर या व्यक्ति नही चाहता कि ऐसी घटना हो। कार्यस्थल पर मशीने चलती रहती है अतः थोड़ी- सी भी लापरवाही से दुर्घटना होने की सम्भावना बढ़ जाती है इसीलिए कारीगर या व्यक्ति को कार्यशाला में जाने से पहले दुर्घटनाओं के कारण का ज्ञान होना अतिआवश्यक है जिससे कि होने वाली दुर्घटना को रोका या कम किया जा सके।

01-Trade Introduction फिटर ट्रेड का परिचय 2

दुर्घटना होने के निम्नलिखित कारण हो सकते है –

  • जिन मशीनों के बारे में जानकारी न हो उन्हें बिलकुल भी नही छूना चाहिए।
  • मशीनों पर कार्य करते समय जल्दबाजी नही करनी चाहिए।
  • कार्यशाला में जाने से पहले जूते,दस्ताने,एप्रन आदि पहन कर जाना चाहिए।
  • मशीन को चालू करने से पहले उसके कनेक्शन,कूलैंट,मोबिल आयल,कोई नट-बोल्ट ढीला ना हो आदि को चेक कर लेना चाहिए ।
  • मशीन पर कम करते समय पूरा ध्यान वही पर होना चाहिए थोड़ी सी भी अरूचि से दुर्घटना हो सकती है।
  • कार्यशाला में ढीले कपड़े पहनकर नही जाना चाहिए।
  • कार्यशाला में फर्श पर तेल,जॉब की छीलन आदि गिरे होने के कारण दुर्घटना होने की सम्भावना बढ़ जाती है, अतः कार्यशाला में साफ-सफाई का होना अतिआवश्यक है।

परिणाम-Result- इस अध्याय के कम्पलीट होने पर स्टूडेंट्स को फिटर ट्रेड के परिचय (Fitter Trade Introduction) को पूरी तरह से समझकर आगे की तैयारी कर सकते है।

 

श्रेय- कुछ अंक अरिहंत प्रकाशन द्वारा प्रकाशित फिटर सिद्धांत पुस्तक से लिए गए हैं।

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