इलेक्ट्रीशियन प्रथम वर्ष (Electrician Theory 1st Year)

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Electrician Theory
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इलेक्ट्रीशियन प्रथम वर्ष (Electrician Theory 1st Year) 1
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02-Electric विद्युत

Electric विद्युत

Electricity विद्युत- चालक पदार्थ में इलेक्ट्रॉन्स के बहाव को धारा या इलेक्ट्रीसिटी कहा जाता है।

विद्युत के प्रकार (Types of Electricity)-
विद्युत दो प्रकार की होती है

1.स्थिर विद्युत (Static Electricity)- वह विद्युत ऊर्जा जिसे एक स्थान से दूसरे स्थान पर नहीं पहुँचाया जा सके, स्थिर विद्युत कहलाती है। यह आवेश के रूप में होती है। इसका उत्पादन प्रचुर मात्रा में नहीं किया जा सकता।

2 .गतिशील विद्युत (Dynamic Electricity)- वह विद्युत ऊर्जा जिसे आसानी से एक स्थान से दूसरे स्थान पर पहुँचाया जा सके, गतिशील विद्युत कहलाती है। विद्युत आवेश के बहने की समय दर को विद्युत धारा कहा जाता है।
विद्युत धारा – आवेशों के प्रति सेकण्ड प्रवाह को विद्युत धारा कहते है। विद्युत धारा का प्रतीक i तथा मात्रक ऐम्पिपर (A) होता है।
प्रतिरोध (Resistance)- यह पदार्थों का स्वाभाविक गुण है जिसके कारण वह अपने में से होने वाले विद्युत धारा के प्रवाह का विरोध करता है। प्रतिरोध का प्रतीक R और मात्रक ओह्म होता है। ओह्म का प्रतीक होता है।
चालकता – पदार्थों का वह स्वाभाविक गुण, जो विद्युत धारा प्रवाह में सुगमता प्रदान करता है, चालकता कहलाता है। इसका प्रतीक G और मात्रक साइमन होता है।
विभव – इकाई आवेश को अनन्त से किसी बिन्दु तक लाने में किया गया कार्य उस बिन्दु का विभव कहलाता है।
विभवान्तर – जब किसी चालक (या प्रतिरोध) में से प्रवाहित होने वाली विद्युत धारा उस चालक के सिरों के विभवों में कुछ अन्तर उत्पन्न कर
देती है तो उसे विभवान्तर कहते है। इसका मात्रक वोल्ट होता है जिसे V से दशाति है।
विद्युत धारा के प्रकार- दो प्रकार की होती है-
1. दिष्ट धारा (DC)- वह विद्युत धारा जिसका मान व दिशा नियत रहती है, डी०सी० कहलाती है। यह सेल, बैटरी, जनित्र आदि से प्राप्त की जाती है। इसका उपयोग आर्क वेल्डिंग, बैटरी चार्जिंग, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्रचालन आदि में किया जाता है।
02-Electric विद्युत 2
2. प्रत्यावर्ती धारा (AC)- वह विद्युत धारा जिसका मान व दिशा एक नियत दर से परिवर्तित होती रहती है, ए०सी० कहलाती है। यह आल्टरनेटर (ए०सी० जनित्र) से प्राप्त की जाती है। इसका उपयोग घरेलू, औद्योगिक आदि क्षेत्रों में प्रकाश, ऊष्मा, ठण्डक, यान्त्रिक ऊर्जा आदि प्रदान करने वाले उपकरणों को प्रचालित करने के लिए किया जाता है।
02-Electric विद्युत 3

विद्युत धारा के प्रभाव –

  1. ऊष्मीय प्रभाव
  2. चुम्बकीय प्रभाव
  3. रासायनिक प्रभाव
  4. किरण प्रभाव
  5. गैस आयनीकरण प्रभाव

 

श्रेय- कुछ अंक विद्या प्रकाशन द्वारा प्रकाशित  इलेक्ट्रीशियन सिद्धांत पुस्तक से लिए गए हैं।

नोट- बेहतर तैयारी के लिए ऑनलाइन टेस्ट दीजिये और विडियो क्लासेज ग्लोबल आईटीआई यूट्यूब चैनल पर देखिये।

 

20 thoughts on “02-Electric विद्युत

  1. सर जी हम आपके बहुत ही आभारी हैं क्योंकि आपने हमारे लिए बहुत सारा परिश्रम किया है सर हम आपको धन्यवाद देना चाहेंगे क्योंकि हम आईटीआई में प्रवेश तो लिए हैं लेकिन क्लास नहीं करते फिर भी हम आपके चैनल को देखकर बहुत सारी जानकारी प्राप्त कर चुके हैं और जिसके जरिए हम पास भी होंगे इसीलिए हम आपको दिल से धन्यवाद देते हैं

  2. , 🙏सर आप बहुत अच्छा पढ़ाते है, हम सभी लोग आपके बहुत आभारी है, 🙏

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